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जीएसटी से रावण दहन महंगा; दशहरा मैदान पर चायनीज और नदी पर बाहुबली रावण
उज्जैन | जीएसटी का असर इस बार दशहरे पर होने वाले रावण दहन के आयोजनों पर भी पड़ेगा। रावण निर्माण से लेकर आतिशबाजी तक सबकुछ महंगी होगी। रावण बनाने वाले कलाकारों ने 20 से 25 हजार रुपए तक रेट बढ़ा दिए हैं। आतिशबाजी 10 प्रतिशत तक महंगी मिलेगी लेकिन उज्जैन के लोगों के लिए यह खुश खबरी है कि यहां रावण के पुतले से लेकर लंका तक और दहन से पहले आतिशबाजी में कोई कमी नहीं होगी। 30 सितंबर को दशहरा मैदान पर चायनीज रावण जलेगा तो शिप्रा तट का रावण बाहुबली जैसा नजर आएगा।
100 का पटाखा 110 रुपए में
नईसड़क पर 40 साल से पटाखों दुकान चल रहे व्यापारी हमीमुद्दीन भाई बंदूकवाला ने बताया अभी तक पटाखों पर 16 प्रतिशत टैक्स लगता था। अब 28 फीसदी जीएसटी लगने से रेट में 10 प्रतिशत तक अंतर आएगा। यानी 100 का पटाखा 110 रुपए में मिलेगा।
उज्जैन में तीन दिन तक रावण जलेंगे
उज्जैन में तीन दिन तक रावण के पुतले भी जलेंगे। 30 तारीख को दशहरे पर दशहरा मैदान, शिप्रा तट व उन्हेल रोड भैरवगढ़ में रावण जलेगा। इसके अगले दिन शास्त्रीनगर, नानाखेड़ा, अंकपात और मक्सीरोड डालडा फेक्ट्री मैदान में रावण दहन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को हरिफाटक ओव्हर ब्रिज के नीचे गऊघाट चौराहा सहित अन्य जगह रावण दहन होगा।
6 से 7 लाख रुपए तक आएगा खर्च
इधर शिप्रा तट पर स्व. प्रेमनारायण यादव की स्मृति में 34 वां रावण दहन होगा। चेतन यादव ने बताया हर वर्ष 5 लाख से अधिक खर्च होता हैं। जीएसटी लगने से इस बार खर्च 6 से 7 लाख तक जाएगा। लेकिन आयोजन में कमी नहीं होगी। पुतला 100 फीट से ऊंचा होगा तथा लंका बनाकर जोरदार आतिशबाजी की जाएगी। शिप्रा तट पर फतेहपुर सिकरी केे कदीर एहमद रावण बना रहे हैं। उनका कहना है कारीगरों ने इस बार 20 से 25 हजार तक मजदूरी के रेट भी बढ़ाए हैं।
एक हाथ में ड्रेगन तो दूसरे में चायनीज हथियार
दशहरा मैदान पर 54 साल से लाला अमरनाथ की स्मृति में रावण दहन कर रही समिति के शिवा खत्री ने बताया जीएसटी से रावण दहन से जुड़ी कई चीजें महंगी हो गई है लेकिन आयोजन में कोई कमी नहीं कर रहे। इस बार भी 101 फीट से अधिक ऊंचा पुतला बनेगा। रामलखन कहार चायनीज रावण बना रहे हैं । इसके हाथ में ड्रेगन जैसा हथियार होगा। लागत नहींं बताई लेकिन कहा हर वर्ष की मुकाबले इस बार 75 हजार से एक लाख रुपए ज्यादा खर्च आएगा।